वरुण अत्रि

दिनांक 16/7/2008 का प्रश्न

वरुन अत्रि

आपकी कुन्डली मे अभी सूर्य शुक्र केतु जन्म के मंगल पर गोचर कर रहे है,और आज की तारीख में दशा भी राहु की चल रही है,अन्तर मंगल का होने के कारण मंगल जो तुला राशि से धन और पार्टनर शिप का मालिक है,राहु के द्वारा ग्रस्त है,राहु के द्वारा हमेशा आदमी के साथ विश्वासघात किया जाता है,मंगल के अन्तर में शनि का प्रत्यन्तर भी चल रहा है,शनि काम काज और मकान आदि के लिये भी जाना जाता है,इस राहु के द्वारा जो भी बातें सामने आतीं है,वे किसी न किसी प्रकार से भ्रम के द्वारा ग्रसित होती है,और जब किसी बात का दिमाग के अन्दर भ्रम होता है,तो जो बात बनने वाली होती है,या बनकर उसका फ़ल मिलने वाला भी होता है,तो यह राहु किसी न किसी प्रकार का झूठा आरोप लगा कर या किसी प्रकार से शिकायत या खुद को अपने बचाव के लिये झूंठ बुलवा कर कार्य के फ़ल को समाप्त कर देता है,इस राहु के द्वारा या तो आदमी किसी तांत्रिक के चक्कर में पड कर अपने को लुटवाता रहता है,अथवा किसी के द्वारा अपने को बचाने के चक्कर में बरवाद भी कर देता है,एक महिने के अन्दर आपके द्वारा जो भी काम होते है,और उन कामों के अन्दर सोचने वाला दिमाग कम से कम पन्द्रह दिन उलझा रहता है,इसी के लिये हमने आपको बारह बतासे हनुमान मंदिर में रोजाना रखने के लिये बोला था,राहु हाथी की तरह से है,इसे किसी ऐसी वैसी तरकीब से नहीं संभाल जा सकता है,इसे केवल मंगल ही संभाल सकता है,और जब मंगल को बारहवें भाव में स्थापित किया जाता है तो किसी भी स्थान पर बैठा राहु अपनी हरकत नही कर पाता है,और जातक के जीवन में जो अचानक घटनायें घटतीं है वे नही घट पातीं है,अभी आपने लिखा है कि आपको एक पार्टनर मिला है,जो कह रहा है कि आपको बैंक के क्रेडिट कार्ड की एजेन्सी के द्वारा काफ़ी फ़ायदा दिला सकता है,आपकी जन्म पत्री के द्वारा आपके मित्रों के घर का मालिक सूर्य है,और जो दोस्त रूपी सूर्य है वह अभी किसी बैंक या अन्य किसी संस्थान से बाहर हुआ है,वह किसी संचार के माध्यम से धन इकट्ठा करने वाली बैंक ही मानी जा सकती है,इस बैंक का काम वह अपने द्वारा करना जानता है,और आज आपको यह भी देखना पडेगा कि आपके मित्रों के घर में शनि और मंगल विराजमान है,मंगल धन का और साझेदारी का मालिक जरूर है,लेकिन वह घर और फ़टाफ़ट धन कमाने के मालिक शनि के साथ विराजमान है,वह शनि की सिफ़्त से गंदा हो चुका है,और आपको अपने घेरे में लेकर किसी प्रकार का फ़्राड करने और फ़्राड के द्वारा आज से एक साल बाद जो आपकी पोजीसन बहुत अच्छी बनने वाली उसके अन्दर अपनी बाट लगाकर आपकी ऐसी की तैसी करना चाहता है।वह किसी प्रकार से नौ सितम्बर तक या इससे एक माह आगे तक धन को लेकर ऐजेन्सी के नाम पर धन को लेगा,और दूर हो जायेगा,जिससे यह काम आपको एक और धन की परेशानी दे चला जायेगा,आपका काम जो है,उसके अन्दर भी नये काम के चक्कर में दिक्कत आनी चालू हो जायेगी,दूसरे आपने आपके ऊपर किये गये कृत्यों के प्रति उसे दूर करने के लिये रेमेडीज मांगी है,आप किसी मंगलवार के दिन एक कांच का इमर्तवान लेकर आना जो कि एक या दो किलो का हो,उसके ऊपर कांच का ही ढक्कन भी लगने वाला हो,उस इमर्तवान के अन्दर अपने निवास स्थान से जो भी पुरानी जंग लगी कीलें,आलपिन, और पुराने दाढी बनाने वाले ब्लैड आदि पडे हों भर लेना,उस इमर्तवान को बाथ रूम में लेजाकर यह सब सामान भरना,फ़िर घर के जितने भी सदस्य है,वे सभी उस इमर्तवान के अन्दर बाथ रूम करने के बाद उसे उसी के ढक्कन से एरल्डाइट लगाकर पैक कर देना,उसे उसी समय अपने साथ लेजाकर किसी आबादी से दूर खाली स्थान पर एक गहरा खड्डा खोद कर दबा देना,जगह ऐसी देखना जिसे कालान्तर में कोई खोद कर उस इमर्तवान न निकाले,उसे मिट्टी के अन्दर दबाकर बिना पीछे देखे अपने घर आजाना,और नहा धोकर घर के अन्दर और जो भी घर में प्रयोग करने वाली वस्तुयें और व्यक्ति है,सभी के ऊपर गंगाजल छिडक देना,फ़िर चाल सफ़ेद मोमबत्ती और एक लाल मोमबत्ती को जलाकर (किसी थाली के अन्दर ) अपने निवास में घुमा लेना,और बाद में उसे पूजा स्थान पर पूरी जल जाने तक रख देना,बाद में बचा हुआ मोम किसी कागज में रखकर अपने पास सुरक्षित रखना,अथवा किसी पवित्र जगह पर छोड देना। बारह बतासे का कार्य आपको लगातार करते रहना है,इस काम के बाद अगर कोई नया रहने का स्थान मिलता है,या किसी प्रकार से कोई मकान मुस्लिम जाति का या कोई काम मुस्लिम साथी से या शराबी कबाबी आदमी के साथ मिलता है तो उसे ग्रहण नही करना।
वरुन अत्रि

आपकी कुन्डली मे अभी सूर्य शुक्र केतु जन्म के मंगल पर गोचर कर रहे है,और आज की तारीख में दशा भी राहु की चल रही है,अन्तर मंगल का होने के कारण मंगल जो तुला राशि से धन और पार्टनर शिप का मालिक है,राहु के द्वारा ग्रस्त है,राहु के द्वारा हमेशा आदमी के साथ विश्वासघात किया जाता है,मंगल के अन्तर में शनि का प्रत्यन्तर भी चल रहा है,शनि काम काज और मकान आदि के लिये भी जाना जाता है,इस राहु के द्वारा जो भी बातें सामने आतीं है,वे किसी न किसी प्रकार से भ्रम के द्वारा ग्रसित होती है,और जब किसी बात का दिमाग के अन्दर भ्रम होता है,तो जो बात बनने वाली होती है,या बनकर उसका फ़ल मिलने वाला भी होता है,तो यह राहु किसी न किसी प्रकार का झूठा आरोप लगा कर या किसी प्रकार से शिकायत या खुद को अपने बचाव के लिये झूंठ बुलवा कर कार्य के फ़ल को समाप्त कर देता है,इस राहु के द्वारा या तो आदमी किसी तांत्रिक के चक्कर में पड कर अपने को लुटवाता रहता है,अथवा किसी के द्वारा अपने को बचाने के चक्कर में बरवाद भी कर देता है,एक महिने के अन्दर आपके द्वारा जो भी काम होते है,और उन कामों के अन्दर सोचने वाला दिमाग कम से कम पन्द्रह दिन उलझा रहता है,इसी के लिये हमने आपको बारह बतासे हनुमान मंदिर में रोजाना रखने के लिये बोला था,राहु हाथी की तरह से है,इसे किसी ऐसी वैसी तरकीब से नहीं संभाल जा सकता है,इसे केवल मंगल ही संभाल सकता है,और जब मंगल को बारहवें भाव में स्थापित किया जाता है तो किसी भी स्थान पर बैठा राहु अपनी हरकत नही कर पाता है,और जातक के जीवन में जो अचानक घटनायें घटतीं है वे नही घट पातीं है,अभी आपने लिखा है कि आपको एक पार्टनर मिला है,जो कह रहा है कि आपको बैंक के क्रेडिट कार्ड की एजेन्सी के द्वारा काफ़ी फ़ायदा दिला सकता है,आपकी जन्म पत्री के द्वारा आपके मित्रों के घर का मालिक सूर्य है,और जो दोस्त रूपी सूर्य है वह अभी किसी बैंक या अन्य किसी संस्थान से बाहर हुआ है,वह किसी संचार के माध्यम से धन इकट्ठा करने वाली बैंक ही मानी जा सकती है,इस बैंक का काम वह अपने द्वारा करना जानता है,और आज आपको यह भी देखना पडेगा कि आपके मित्रों के घर में शनि और मंगल विराजमान है,मंगल धन का और साझेदारी का मालिक जरूर है,लेकिन वह घर और फ़टाफ़ट धन कमाने के मालिक शनि के साथ विराजमान है,वह शनि की सिफ़्त से गंदा हो चुका है,और आपको अपने घेरे में लेकर किसी प्रकार का फ़्राड करने और फ़्राड के द्वारा आज से एक साल बाद जो आपकी पोजीसन बहुत अच्छी बनने वाली उसके अन्दर अपनी बाट लगाकर आपकी ऐसी की तैसी करना चाहता है।वह किसी प्रकार से नौ सितम्बर तक या इससे एक माह आगे तक धन को लेकर ऐजेन्सी के नाम पर धन को लेगा,और दूर हो जायेगा,जिससे यह काम आपको एक और धन की परेशानी दे चला जायेगा,आपका काम जो है,उसके अन्दर भी नये काम के चक्कर में दिक्कत आनी चालू हो जायेगी,दूसरे आपने आपके ऊपर किये गये कृत्यों के प्रति उसे दूर करने के लिये रेमेडीज मांगी है,आप किसी मंगलवार के दिन एक कांच का इमर्तवान लेकर आना जो कि एक या दो किलो का हो,उसके ऊपर कांच का ही ढक्कन भी लगने वाला हो,उस इमर्तवान के अन्दर अपने निवास स्थान से जो भी पुरानी जंग लगी कीलें,आलपिन, और पुराने दाढी बनाने वाले ब्लैड आदि पडे हों भर लेना,उस इमर्तवान को बाथ रूम में लेजाकर यह सब सामान भरना,फ़िर घर के जितने भी सदस्य है,वे सभी उस इमर्तवान के अन्दर बाथ रूम करने के बाद उसे उसी के ढक्कन से एरल्डाइट लगाकर पैक कर देना,उसे उसी समय अपने साथ लेजाकर किसी आबादी से दूर खाली स्थान पर एक गहरा खड्डा खोद कर दबा देना,जगह ऐसी देखना जिसे कालान्तर में कोई खोद कर उस इमर्तवान न निकाले,उसे मिट्टी के अन्दर दबाकर बिना पीछे देखे अपने घर आजाना,और नहा धोकर घर के अन्दर और जो भी घर में प्रयोग करने वाली वस्तुयें और व्यक्ति है,सभी के ऊपर गंगाजल छिडक देना,फ़िर चाल सफ़ेद मोमबत्ती और एक लाल मोमबत्ती को जलाकर (किसी थाली के अन्दर ) अपने निवास में घुमा लेना,और बाद में उसे पूजा स्थान पर पूरी जल जाने तक रख देना,बाद में बचा हुआ मोम किसी कागज में रखकर अपने पास सुरक्षित रखना,अथवा किसी पवित्र जगह पर छोड देना। बारह बतासे का कार्य आपको लगातार करते रहना है,इस काम के बाद अगर कोई नया रहने का स्थान मिलता है,या किसी प्रकार से कोई मकान मुस्लिम जाति का या कोई काम मुस्लिम साथी से या शराबी कबाबी आदमी के साथ मिलता है तो उसे ग्रहण नही करना।

दिनांक 17-7-2008

आपके जन्म के मंगल पर शुक्र का गोचर चल रहा है,जो कि आगे आने वाले छ: अगस्त तक चलेगा,इस गोचर के कारण आपको धन प्राप्ति में किसी अपने ही आदमी के द्वारा बाधा आयेगी,और किसी प्रकार की साधना के लिये मन में विचार आने चालू होंगे,इसी कारण से दिमाग में एक जिद्दीपन भी आने लगेगा,यात्रा का भी योग बनता है,दिमाग में खिंचाव भी पैदा हो सकता है,किसी औरत से विश्वास घात भी हो सकता है,काम के अन्दर परेशानी भी होती है,और जो भी अपने से बडे लोग होते है वे नाराज होना चालू हो जाते है,धन की किसी न किसी प्रकार से परेशानी होती है,अगर अपने दिमाग को किसी प्रकार से आगे आने वाले नौ अगस्त तक बचा लिया जाये तो धन की परेशानी और उच्चाधिकारियों और व्यापारिक लोगों की नाराजगी का सामना नही करना पडेगा,और न ही किसी प्रकार की धन की कठिनाई का सामना करना पडेगा।जो लोग परिवार में है,और बहिन बुआ की हैसियर रखते है वे बजाय सहायता देने के लांछन लगाने में कसर नही छोडेंगे,किसी देवी यात्रा का भी योग बनेगा,लेकिन यात्रा से बजाय लाभ के हानि की सम्भावना वह भी किसी प्रकार की बनावटी बातों के द्वारा हो सकती है,धार्मिक कार्यों की बजाय बेफ़जूल के कार्यों की तरफ़ मन का दौडना शुरु होगा,कल यानी अठारह तारीख की सुबह नौ बजे के आसपास तक किसी के द्वारा ठगे जाने का समय भी चलेगा,और हो सकता है कि जो भी प्रतिष्ठान है,उनके प्रति छवि धूमिल होने के भी आसार है।कार्य के बदलने के लिये मानस बन रहा है,बेकार का खर्च करने का समय भी सामने है और बेकार का आरोप भी सामने दिखाई दे रहा है।

Date 18th July 2008

मानसिक चिन्ताओं का समय चलेगा,जिस स्थान पर रह रहे है,उस स्थान की साफ़ सफ़ाई के प्रति तथा आक्स्मिक किसी प्रकार की बिजली गैस या किसी अन्य प्रकार की परेशानी सामने आ सकती है,गाडी ड्राइवर या मित्रों के साथ कोई परेशानी का काम भी करना पड सकता है,किसी प्रकार के महिला मित्र या किसी महिला की सहायता भी करनी पड सकती है,भाई या बडी बहिन के पति से कोई बात चीत के दौरान कोई झगडा हो सकता है,धन के लिये किसी प्रकार से किसी शेयर ब्रोकर या किसी शेयर मारकेट वाले से भी कहा सुनी हो सकती है।यह सब 20 July 2008 की शाम साढे आठ तक का विचार आपके लिये लिखा है।

Date 21 July 2008

कल तक जो हुआ उसका डर तो दिमाग में रहेगा ही,किसी धर्म से जुडे व्यक्ति के पास जाना पड सकता है,किसी प्रकार से किसी जानकार व्यक्ति से धन और बैंक आदि तथा किये जाने वाले व्यक्ति से सलाह लेने का समय भी है,वैसे लोगों के फ़ोन और समाचारों से दिमाग खुश रहेगा,और टीवी या अन्य किसी प्रकार के अमोद प्रमोद में समय बीतेगा।काम के मामले में या फ़ैक्टरी आदि के मामले में किसी प्रकार की टेक्नीक का विचार भी मन में चलेगा,कोई काम करने वाला किसी प्रकार से विरोध करेगा,पेट की गडबडी या परिवार की या किसी दोस्त की अस्पताल सम्बन्धी परेशानी के लिये काम करना पड सकता है,अथवा कोई जबरदस्ती अपनी बातों में लाकर धन के लिये परेशानी बता सकता है। और जो मामला दोस्तों के द्वारा चीटिंग के लिये माना जाता है,वह सामने प्रत्यक्ष रूप से भी आ सकता है।

Date 23rd July 2008

इस दिन सुबह से ही दिमाग में जिद्दीपन सवार हो सकता है,किये जाने वाले काम के प्रति दिमाग में असन्तोष भी पैदा हो सकता है,यात्रा भी करनी पड सकती है,धन की कमी झेलनी पडेगी,किसी से कर्ज लेने का समय भी आज से चालू हुआ है,इसी कारण से मानसिक तनाव भी रहेगा,किसी विश्वास न करने वाले व्यक्ति से मुलाकात भी होगी,किसी न किसी प्रकार का झगडा भी सामने आता है,इसलिये शांत होकर समय को निकालने और सामने वाली समस्याओं से बचने का कारण खोजने से ही काम बनेगा। यात्रा करने के बाद धन की प्राप्ति का समय है।किसी के द्वारा बर्गलाने के बाद काम को खत्म करने की भी दिमागी समस्या बन सकती है।

राहु का प्रकोप

आपकी कुन्डली में राहु का प्रकोप साक्षात रूप से सामने मिलता है,राहु की ही दशा चल रही है,दिसम्बर तिरानवे से अप्रैल छियानवे तक इस राहु ने गुरु को खाया,गुरु ज्ञान का भी कारक है,और लालकिताब के अनुसार पिता का भी कारक है,जो अपने भाग्य और धर्म की रक्षा करे,उस गुरु को भी राहु की उपाधि दी जाती है,आपकी कुन्डली में राहु छठे भाव का मालिक भी कहा जाता है,और राहु का स्थान बारहवें स्थान में होने के कारण वह सबसे पहले चन्द्रमा को खा रहा है,चन्द्रमा माता का भी कारक है,राहु का प्रकोप माता को भी झेलना पडा,यानी माता को सुखों से हीन करने के बाद लगातार आशंकायें देनी चालू कर दीं,राहु ने गुरु के बाद नम्बर लगाया शनि का,शनि सिंह का है,सिंह सूर्य का घर है,सूर्य पिता का कारक है,पैतृक निवास का स्थान भी माना जाता है,तुला राशि में शनि सिंह का बडी बहिन और मित्रों के घर में माना जाता है,अप्रैल छियानबे से मार्च निन्न्यानबे तक राहु ने शनि को खाया,कार्य व्यवसाय और मित्रों का साथ जो कि किसी प्रकार से काम के लिये आगे आते थे,पैतृक निवास का मायना भी मिलता है,शरीर में बाल खाल और त्वचा का कारक भी शनि है,जायदाद का मालिक भी है,और सिंह राशि का होने के कारण राजनीति के अन्दर भी अपना दखल देता है,इस शनि के द्वारा तीन नुकसान दिये गये,पहला पत्नी का सुख इस शनि ने छीन लिये,दूसरे सलाह देने वाले लोग सामने जो भी आये वे अपनी सलाह को सही तरीके से नही दे पाये,और जो भी जायदाद थी,उसके अन्दर अपना दखल देकर अन्धेरा पैदा कर दिया,कार्यों के अन्दर लाभ को सीमित कर दिया और खर्चा रुपया और कमाई अठन्नी का लाभ दिया,लगातार काम करने के बाद भी इसने अपने प्रभाव के द्वारा नगद धन को पास में नही छोडा,जो कमाया गया सभी फ़टाफ़ट खर्च कर दिया गया,परिवार और कुटुम्ब के लोग थे,उनको दूर कर दिया,इस शनि का उपाय भी आपको करना उचित रहेगा,इसके लिये लालकिताब का एक उपाय काफ़ी कारगर सिद्ध हुआ है,कि साबुत बादाम जिनकी संख्या दस होनी चाहिये को शनिवार के दिन लेकर किसी पास के मंदिर में जाना चाहिये,और वहां पर जो भी भगवान हों,उनके चरणॊं में उन बादामों को रखकर प्रार्थना करनी चाहिये कि जो भी पाप जाने और अन्जाने में हुये है,उन्हे माफ़ किया जाय और आगे के लिये यह शनि देव का कडक रूप मुलायम हो जावे,इस प्रकार से अपने नाम और गोत्र के साथ प्रार्थना करने के बाद उन दस बादामों से पांच बादाम उठा लेने चाहिये,और किसी सफ़ेद कपडे में बांध कर श्रद्धा पूर्वक उन्हे घर लाकर अपने धन स्थान में सुरक्षित रख देने चाहिये,किसी भी प्रकार से उन्हे खराब नही होने देना चाहिये,और न ही भूल कर उन्हे फ़ोडना और खाना चाहिये,साक्षात शनि देव का रूप मानकर उनको आदर से देखना चाहिये,इस प्रकार से शनि का यह प्रभाव अपना कडा रुख छोड कर मुलायम फ़ल देना चालू कर देगा,और जो भी सम्पत्ति गयी है,या शनि के प्रभाव के कारण लोगों के द्वारा बरबाद की गयी है वापस मिलनी चालू हो जायेगी,इसके साथ ही जो दसवें भाव में मंगल का प्रभाव शनि को देख रहा है,और शनि को राहु के द्वारा पिछले समय में खाया गया है,उसके लिये बिल्ली की जेर चांदी की डिब्बी में लाल सिन्दूर के साथ शुक्रवार के दिन अपने धन स्थान में रखना चाहिये,इस प्रकार से बिल्ली की जेर जो कि राहु रूप है, के द्वारा मंगल का साथ होने पर और चन्द्र के अन्दर बंद करने के बाद राहु शनि को सुरक्षित रखेगा,और जैसे ही वह उसे खाने की कोशिश करेगा,मंगल किसी भी रूप में उसे बचा लेगा,चाहे वह पुलिस के रूप में हो,या फ़िर अस्पताल के रूप में हो,वह शनि को राहु के द्वारा नही खाने देगा,बिल्ली की असली जेर प्राप्त करने के लिये आप चांदी की डिब्बी अपने साथ लाकर किसी भी बुधवार के दिन इक्कीस हजार रुपये के मूल्य में उसे प्राप्त कर सकते हैं। इस राहु के द्वारा मार्च निन्न्यानबे से दो हजार एक तक बहिन बुआ बेटी पर असर दिया गया,व्यापार और लोगों के द्वारा अचानक किसी न किसी बात पर व्यापारिक कामों को रोक दिया गया,किसी ज्योतिषी के द्वारा और देवी यात्रा करने के बाद साख तो बची रही,लेकिन एक किसी व्यापारी ने अपनी चालाकी से अपने व्यापार करने वाले कार्य के बीच में आकर दूसरे लोगों के साथ बने बनाये सम्बन्ध या तुडवा दिये या फ़िर हमेशा के लिये उन सम्बन्धों को समाप्त करवा दिया,बहिन या बुआ के अन्दर चालाकी और झूठा का प्रभाव पनप गया,और वे अपनी मर्यादा से दूर होती चली गयीं। सितम्बर दो हजार एक से इस राहु ने बाहर के सम्बन्धों को नही पनपने दिया,किसी प्रकार से कान या बायें हिस्से में तकलीफ़ दी,जो भी सूचना प्रसारित करने वाले साधन थे सभी में बात लगा दी,और किसी के द्वारा तांत्रिक क्रियाओं के द्वारा अपना जाल रच कर घर की साख और समाप्त ही कर दी,दर दर का भटकने की नौबत आ गयी,फ़िर अक्टूबर दो हजार दो से माया नगरी का मोह आत्मा में जगा दिया,लगा कि किसी भी प्रकार से एक शानदार कार्य कर लिया जायेगा,अक्सर इस युति में और राहु की भौतिक सुखों की कल्पना में एक स्त्री का साथ हो जाता है,जो या तो विधवा होती है,या फ़िर वह किसी सरकारी संस्था में कार्य करती है,और सरकारी शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रभाव को रखती है,उसके द्वारा ही घर के अन्दर क्लेश भी फ़ैलते है। अक्टूबर दो हजार पांच से इस राहु के द्वारा सूर्य को खाया गया,नाम और प्रभाव पिता की औकात तथा राजनीतिक प्रभाव सभी को समाप्त करता चला गया,पिता के नाम के आगे अन्धेरा मिला,और या तो किसी प्रकार के सम्बन्ध के द्वारा किसी महिला का साथ एक अवैद्य पुत्र को जन्म देता है,अथवा दो नम्बर के कामों की तरफ़ दिमाग लगा रहता है,अथवा किसी प्रकार से आंखों की रोशनी को खराब करता है,इस प्रकासे यह प्रभाव खुद के नाम और और प्रभाव को भी समाप्त करता है,कहा तो यहां तक गया है,कि किसी मुस्लिम व्यक्ति के द्वारा किये गये तांत्रिक प्रभाव का असर इस समय में नाम और औकात का धुंआ निकालने के लिये काफ़ी होता है,सितम्बर दो हजार छ: से इस राहु ने माता मन मकान और पानी के साधन साथ रहने वाली जनता या जान पहिचान वाले लोग,वाहन गाडी आदि पर अपना पूरा पूरा असर दिया,दिमाग में कैमिकल वाले पानी से युक्त खेती से पैदा होने वाली फ़सल को सुखा कर उससे कमाई का जरिया बनाया,लेकिन मार्च दो हजार आठ से यह सब पैसे के प्रति तगादे और अपमान के लिये जिमीदार हो गया,इस समय के राहु को मार्च दो हजार नौ तक चलने वाले प्रभाव को हनुमानजी के मन्दिर पर बारह बतासे रोज चढाकर राहत प्राप्त की जा सकती है,घर में सुन्दर काण्ड का पाठ,और शनि की बीच वाली उंगली में नीलम की जगह पर अगर मूंगा धारण किया जाये,तो आशातीत सफ़लता मिलती चली जाती है।

कुन्डली में केतु का सूर्य के साथ योग है,इस योग को ध्वजा कीर्ति योग कहा जाता है,मगर कुन्डली में जहां पर भी केतु का स्थान होता है,जातक उसी के प्रभाव में अपना नाम करता है,आपका केतु मीन राशि का छठे भाव का है,और यह ध्वजा आपको कर्जा दुश्मनी और बीमारी के नाम की मिलती है,इसी के साथ शुक्र का मंगल के साथ मिलना,सूर्य के द्वारा शुक्र के लिये राजनीति फ़ैलाना,और इस राजनीति के चलते पत्नी और भौतिक सम्पदा से लगातार विरक्ति होते जाना,भी कारण माने जा सकते है।
आगे के लिये आप अपनी अभिव्यक्ति प्रदान करें और ईमेल करें- moc.liamg|airuadahbortsa#moc.liamg|airuadahbortsa

Unless otherwise stated, the content of this page is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 3.0 License