प्रश्न और उत्तर तथा उपाय

प्रश्न:-

दिनांक २८ सितम्बर २००८,रात के दस बजे,एक लडके का फ़ोन भिन्ड से आया,वह अपनी बुआ के घर पर है,उसने अपनी बुआ की लडकी कुसुम से बात करवायी,कुसुम ने बताया कि उनका भाई पप्पू रोजाना शराब पीता है,अपनी पत्नी जिसका नाम आरती है,मारता पीटता है,पप्पू का सम्बन्ध गांव की एक लडकी से है,जिसका नाम रनिया है,क्या उपाय किया जाये?

कारण और उपाय

लगनेश बुध बक्री होकर पंचम भाव में विराजमान है,बुध के साथ सूर्य है,चन्द्रमा भी है,प्रश्न शराब का कम और प्यार और अफ़ेयर का अधिक मिलता है,राहु नवें भाव में बैठकर चन्द्र सूर्य और बक्री बुध को देख रहा है,मंगल और शुक्र छठे भाव में बैठ कर राहु को कन्ट्रोल करने की कोशिश कर रहे है,राहु चन्द्र माता को सूर्य पिता को और बुध बक्री बहिन को अपनी नजर से देख रहा है,बहिन जो कि बुध के रूप में है,बक्री है,१६ तारीख तक चली जाएगी,मंगल और शुक्र पति और पत्नी दोनो छठे भाव में विराजमान है,आठवें भाव में विराजमान गुरु से गुपचुप रूप से जानकारी और उपाय करवाना चाह रहे है,गुरु राहु का सहारा लेकर उपाय बता रहा है कि दस बादाम लेकर किसी धर्म स्थान में उस बहू के द्वारा रखवादे,बादाम शनि का रूप है,जो जातक के चौथे भाव में विराजमान है,वृष लगन होने के कारण शनि से वृष लगन आहत है,धन और पारिवारिक इज्जत के साथ पूर्वजों की मर्यादा भी साथ है।

शनि की निगाह अपनी तीसरी नजर से शुक्र और मंगल पर है,शुक्र और मंगल तुला राशि में विराजमान है,शुक्र स्वगृही है,और मंगल सप्तमेश होकर छठे भाव में विराजमान है,शुक्र मंगल से प्रताणित है,मंगल शुक्र को कम अंश होने के कारण शुक्र की कामेक्षा को पूर्ण नही कर पा रहा है,वह उत्तेजित तो होता है,और अधिक वासना के कारण दो स्त्रियों एक राहु जो पुराने परिवार से सम्बन्धित है,और दूसरी खुद की पत्नी को संतुष्ट नही कर पा रहा है,वह अपनी ताकत के लिये शराब का प्रयोग कर रहा है,और उसी शराब के कारण उसकी आगे चलकर उसकी सांस बन्द भी होने वाली है। क्योंकि गुरु का असर नवम्बर के माहिने में राहु के कारण सांस को बन्द करने जा रहा है।

प्रश्न

उपरोक्त समय पर ही एक फ़ोन दिल्ली से आता है,कि उनके बटवारे की दुकान के किरायेदार से जिससे बटवारा हो चुका है,वह बटवारे का हकदार किरायेदार को दुकान नही चलाने दे रहा है,और चाबियां उससे ले ली है,फ़ोन करने वाली एक महिला है,बटवारे को करने वाले उसके पति के बडे भाई के लडके है

कारण और निवारण

लगनेश शुक्र है,और शुक्र मंगल के साथ विराजमान है,मंगल सप्तमेश भी है,शुक्र का रूप भी लगन और छठे भाव से जुडा है,शनि से शुक्र तीसरा है,शनि जायदाद है,जायदाद भी चौथे भाव में शनि होने के कारण एक दुकान है,शुक्र ने मंगल जो कि छठे भाव में है,और सप्तम का मालिक है,तथा बारहवें भाव का भी मालिक है,किरायेदार से दिये धन का मायना रखता है,शुक्र ने किराये के रूप में उस धन को नवें भाव में विराजमान राहु यानी बिजली के रूप में दिया है,और बिजली को कटने से बचाया है,उस किराये का कुछ भाग अभी भी शुक्र के पास है,शुक्र अपनी जायदाद का पूरी तरह से बंटवारा चाहता है,बंटवारा के लिये उसने बात की थी,लेकिन बुध के बक्री हो जाने के कारण वह बात चल नही पा रही है। प्रश्न करता को उस शनि के बंटवारे के लिये अष्टम गुरु का सहारा लेना पडेगा,यानी बारह बारह मुट्ठी चने की दाल को छत पर बारह दिन तक लगातार रखना है।

फ़िरोजा किसे पहिनना चाहिये ?

(प्रश्न)City : GONDIA
State : MAHARASHTRA
Country : India
Birth Day : 20
Birth Month : 01
Birth Year : 1990
Birth Time Hour : 05
Birth Time Minute : 00
Question : sir,namaskar maine firoza stone dharan kiya hai.kya ye stone mere liye accha rahenga.

उत्तर

हरे और काले रंग के मिक्स रंग का नाम फ़िरोजी रंग है,हरे और नीले रंग में भी फ़िरोजी रंग तैयार होता है,दोनो के लिये अलग अलग प्रभाव देखे जाते है। कुंडली में बुध और शनि की युति मेष राशि सिंह राशि और धनु राशि में होती है तो जातक के लिये फ़िरोजी रंग किसी न किसी प्रकार से मनभावन होते है। शनि से कार्य करना होता है और बुध से कमन्यूकेशन से सम्बन्धित अथवा शनि से पत्थर होता है और बुध से हरे रंग की आभा वाला शनि से कुटुम्ब और बुध से बहिन बुआ बेटी की सम्पत्ति को सम्भालने वाले से माना जाता है.

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