Mamta Gupta Mathura

First Name : mamta
Last Name : gupta
Email Address : moc.liamg|6002vihsatmam#moc.liamg|6002vihsatmam
City : mathura
State : UP
Country : India
Birth Day : 28
Birth Month : 05
Birth Year : 1981
Birth Time Hour : 04
Birth Time Minute : 53

  • Question : Respected Sir mujhr koi upye batiya mare sat bahut probalem ha ma apne parents ke sat rahe rahi hu is karn mare ghar ma hamesh jhgada hota rahata ha, our mari shadi kab tak ho gayege ma ji ladke se shadi karna chati hu uska name shivraj (netram) ha our hamri marrige life kasi rahege mumy papa kahate ha ghar se nikal ha our ma kaha jau sir mari shadi love marrige hogi ya nahi
  • Sir pitara dosh ka kya upye ha our mare ghar ma mari bhan our mare karan ladaiya hoti ha us ka court cash chal raha ha mari bhi koi income nani ha job ya business kab rak ho gayega hamre pita hamare sat nahi rahte sirf mumy, bahan our bhngi ha lakin pita kabhi_2 a jate ha phir bhi ladaiya hoti ha ghar ma shanti bani rahe our sara parivar khushi se rahe is ka liya koi upye bataye
  • Sir mujhr koi upye batiya mare sat bahut probalem ha ma apne parents ke sat rahe rahi hu is karn mare ghar ma hamesh jhgada hota rahata ha, our mari shadi kab tak ho gayege ma ji ladke se shadi karna chati hu uska name shivraj (netram) ha our hamri marrige life kasi rahege mumy papa kahate ha ghar se nikal ha our ma kaha jau sir mari shadi love marrige hogi ya nahi
  • namashkar

time 4:55 kya personal house bana paugi ya nahi our court case ko jeetne ma me safal ho paugi ya mujhe vapas apne pati ka ghar he chle jana chahiya
प्रिय ममता
तुम्हारा ईमेल मिला और सभी समाचार मिले,तुम्हारी जन्म पत्री के अनुसार तुम्हारी वृष लगन है,और इस लगन का स्वामी शुक्र मंगल और सूर्य के साथ लगन में विराजमान है.शुक्र तुम्हारे लगन के साथ साथ छठे भाव का मालिक भी है,और दूसरे भाव में धन का मालिक बुध विराजमान है.
सप्तमेश मंगल जो कि तुम्हारी जीवन साथी के रूप में अपना प्रभाव दे रहे है,बहुत ही कम अंशों के कारण पहली शादी को तुम्हारे स्वसुर के कारण या सास के कारण शादी के अट्ठाइस या तीस दिन बाद ही सम्बन्ध विच्छेद हो जाता है,इस सम्बन्ध विच्छेद के बाद सूर्य का नम्बर आता है,शुक्र के साथ दो ग्रह विद्यमान है,एक मंगल और दूसरा सूर्य,तथा पंचम से शनि और गुरु देख रहे है तथा नवें भाव से केतु देख रहा है.शनि के कारण गुरु अपना प्रभाव नही दे पाता है,और पूरा जीवन केतु से सम्बन्धित होता है.गुरु का पिता से और केतु का नाना खानदान से मतलब ज्योतिष में लिया जाता है.पिता का प्रभाव परिवार पर अधिक इसलिये नही दिखाई देता है,कि उनको कन्या राशि के शनि माने छोटे छोटे काम और गुरु से मतलब समाज या कृषि कार्य या यात्रा के लिये लिया जाने वाला कर्जा जो छोटे छोटे अंशों के होता है,और इस कर्ज के कारण जो भी पास में जमीन या घर या मकान होते है,गिरवी रख दिया जाता है,कर्ज वालों से बचने के लिये वे अपने को इधर उधर बचाये घूमते है,और इसी कारण से घर में आकर उनका क्लेश होता है,तुम्हारा चन्द्रमा पिता के घर में कुम्भ का होकर विराजमान है,इस कारण से घर और दूसरी बहिन के साथ भाई और पिता को भी तुम्हारे द्वारा सम्भालना पडता है,माता का अपमानित होना भी इस चन्द्र के द्वारा मिलता है,और उसका कारण पिता को किसी छलिया के द्वारा छला जाना माना जा सकता है,वह छलिया कोई मित्र या मित्र की पत्नी भी हो सकती है,घर की बडी बहिन या बुआ भी हो सकती है,पिता के लिये एक नही कितनी ही परेशानिया इस जीवन में दिखाई दे रही है,उनके लिये मंगल यानी उनके भाई,सूर्य से उनके पिता और सरकार,शुक्र से पत्नी और शनि से कार्य जायदाद के लफ़डे,गुरु से कर्ज जो बैंक आदि से लिया गया हो,और केतु यानी खुद के पुत्र और मान्जे मामा जंवाई आदि की परेशानी मिलती है.

ममता तुम्हारी जन्म कुन्डली में तुम्हारे पिता के प्रति जो असर मिलता है,उसके अनुसार चन्द्र और बुध की युति पिता के घर से और तुम्हारे धन भाव को समाप्त करने के लिये काफ़ी है,चन्द्र और बुध दोनो ही स्त्री ग्रह है,अत: तुम्हारे पिता के जवानी के समय में दो सम्बन्ध मिलते है,और बाद में यही सम्बन्ध परिवार में परेशानी का कारक बन जाते है,चन्द्रमा कला व्यापार द्रव्य और खेती वाले कामो से सम्बन्ध रखता है,व्यापार के लिये पिता की यात्रा मानी जा सकती है,बुध तुम्हारी कुन्डली में चन्द्र के साथ अकेला है,और यह तुम्हारे पिता के बाद तुम्हारे लिये एक शादी के बाद का मित्र भी पैदा करता है,दिमाग मे काम और अन्य प्रकार से इस मित्र का प्रभाव नही उतरता है,इस मित्र के द्वारा कई प्रकार से धन की प्राप्ति भी होती है,पिता और तुम्हारे प्रति और जो प्रभाव इस बुध और चन्द्र से मिलते है,उसके अनुसार चन्द्र पानी और बुध जमीन तत्व होने के कारण खेती वाले काम भी मिलते है,तुम्हारे द्वारा अपने प्रकार के संदेश बनाकर अपने लोगो से बात करने का तरीका भी मिलता है,कम्प्यूटर और नेट वर्किंग के प्रोग्राम के द्वारा संदेशों का आदान प्रदान भी इसी श्रेणी में आजाता है.माता के नाम की कोई जमीन आडे वक्त पर काम आती है,साथ ही जीवन में एक बार बडे रूप से इस मित्र के कारण बदनामी भी मिलती है.अधिकतर चन्द्र और बुध के योग के कारण तुम्हारा दिमाग वर्तमान में अर्ध विक्षिप्त सा हो जाना चाहिये.

ममता तुम्हारी जन्म कुन्डली में मंगल और सूर्य एक साथ है,मंगल शक्ति है ,और सूर्य अभिमान है,इस प्रकार कहा जा सकता है,कि तुम्हारे पिता के अन्दर अभिमान की मात्रा अधिक है,पिता का प्रभाव अधिक होने के कारण वह समाज में अपने घमंडीपन के लिये जाना जाता है,पिता का मंगल साथ है,इसलिये पिता का एक भाई और ममता तुम्हारा भाई आत्मा से तुम्हारा सहयोग करता है,पिता को खून की बीमारी भी होती है,यह आजकल के अनुसार ब्लड प्रेसर के रूप में जानी जाती है,तुम्हारी कुन्डली में पति प्रभावी होता है,और इधर पिता और भाई का प्रभाव भी होता है,इसी कारण से तुम्हारा हाल चक्की के बीच में फ़ंसे दाने जैसा होता है,एक बात और ध्यान रखना कि तुम्हारे पति के दिमाग में गुस्सा है,लेकिन उसके ह्रदय में प्यार है,अगर किसी प्रकार से उसकी भावनाओं को समझो तो वह तुम्हारे लिये अपने को कुर्बान भी कर सकता है.

ममता तुम्हारी कुन्डली में सूर्य की युति गुरु से है,सूर्य आत्मा है,और गुरु जीव का कारक होता है,इसलिये तुम्हारे अन्दर जीवात्मा का संयोग भी माना जा सकता है,लेकिन गुरु के साथ में शनि का बक्री रूप होने से आत्मा और जीव को अपने को ही पहिचानने में दिक्कत होती है,क्योंकि वह परिवार और पिता के अन्दर पति के साथ मिलकर अन्धेरा पैदा कर देता है,शनि गुरु दोनो मिलकर वकील और जज की औकात पकड लेते है,इस प्रकार से बेचारे बुध को इस शनि के प्रति अपने को बलिदान करना पडता है,यानी तुम्हारा जो पडाई और शिक्षा का रूप था वह सब समाप्त हो जाता है,और अधर में लटक कर हर प्रकार की सहायता के लिये दूसरों पर निर्भर रहना पडता है.तुम ह्रदय से परोपकार की भावना रखती हो,अगर किसी प्रकार से दिमाग का अहम निकाल कर अपने को ठंडी गति से सोचो तो इस शनि के अन्धेरे को निकाल कर गुरु शनि से समझौता करके अपने पहले पति के साथ ही जीवन का सुख भोग सकते हो,लेकिन सत्ताइस फ़रवरी दो हजार आठ से तुम्हारे मन के अन्दर एक मित्र के आने से तुम्हारा ध्यान अपने से ही दूर चला गया है.और यह मित्र तुम्हारी जिन्दगी में सन दो हजार पच्चीस के शुरु तक रहेगा,अब तुम्हारे अन्दर कितना बल है,इसका प्रयोग खुद कर सकती हो,और इस बुध रूपी मित्र को खेती वाले सामान के व्यापार के रूप में लगा सकती है,और बजाय शादी सम्बन्ध के धन की तरफ़ ले जा सकती है,अथवा अपने को सरकारी सहायता के बल पर किसी प्रकार सरकारी नौकरी जैसे के आयुर्वेद विभाग में अपनी सेवायें दे कर अपने जीवन को सुधार सकते हो.

ममता तुम्हारी कुन्डली में राहु केतु के बाहर गुरु और शनि है,गुरु से पिता और शनि से घर मकान आदि माने जा सकते है,इस प्रकार से तुम्हारे जीवन में पिता और घर मकान का सहयोग नाम मात्र के लिये भी नही मिलता है,इस प्रभाव को कम करने के निमित्त तुम्हे चाहिये कि अपने को सरकारी शिक्षिका के रूप में या नर्स के रूप में अथवा किसी टेक्नीकल स्कूल में जो कि किसी प्रकार की व्यवसायिक ट्रेनिन्ग देता हो,नौकरी कर लेनी चाहिये.

ममता गुरु मंगल के एक साथ रहने से तुम्हारे अन्दर स्वाभिमान की मात्रा अधिक है,इसलिये तुम्हे किसी की जी हुजीरी पसंद नही है,तुम्हारे अन्दर धार्मिकता है,लेकिन गुस्सा की मात्रा अधिक होने से तुम्हारा जीवन व्यर्थ भी हो सकता है,तुम्हारे ही परिवार के लोग तुम्हे समझ नही पाते है,और बिना समझ के कारण वे ही तुम्हारी बुराई करने लगते है,इसी कारण से आगे के जीवन में तुम्हे कष्ट झेलना पड सकता है,इस ग्रह युति से दिमाग में कोई भी काम जल्दी से करने की आदत आ जाती है,और यही हाल रहा तो परिणाम खराब ही होते है,समाज और परिवार हमेशा के लिये निन्दनीय बना देता है.इतनी मानसिक चिन्तायें आ जाती है,कि भविष्य का ख्याल ही दिमाग से निकल जाता है.

ममता शुक्र और मंगल की युति से आपमे और आपके वैवाहिक पति के बीच में कलह पैदा होती है,वैदिक ज्योतिष के अनुसार यही पति आपके पिछले जीवन में भी आपका ही पति था,और जो कारण बन रहे है,उसके अनुसार तुम्हारा दूर रहना चाहे वह मुकद्दमा के द्वारा हो,या मर्जी से हो,वह भी इस युति का कारण बनता है,तुम्हारे भाई को यह युति एक बहुत ही होनहार तभी बना सकती है,जब तुम खुद उसके अन्दर से अपने और अपने पिता के प्रति चिन्ताओं से मुक्ति दे दो तो,तुम्हारा शरीर और मन अधिक वासना की उपस्थिति से लगातार गिरता जा रहा है,इसे बचाने के लिये अपने को धार्मिक भावनाओं के अन्दर ले जाना चाहिये,और वासना से दूर ही रहना चाहिये,कभी भी अकेले बैठ कर अपने को वासना वाले विचारों और द्रश्यों से सम्मोहित करने के बाद लगातार नही सोचना चाहिये,आपको अधिक चिन्ता होने पर अधिक स्नान करना चाहिये.

मंगल और शनि के आपस मे मेल के कारण आपके पति के तकनीकी कार्य होते है,और उनके एक भाई के कारण तथा तुम्हारे कारण कितने ही झमेले झेलने पडते है,इस कठिनाई के कारण उनका कार्य परिवर्तन होता रहेगा,उनके शत्रु अधिक बन जाते है,और उसका कारण भी तुम्हारा प्रेम ही माना जा सकता है.

ममता तुम्हारी कुन्डली मे बुध के आगे राहु है,और यही बुध तुम्हारे जीवन में मित्र के रूप में आता है,इसका स्वभाव बातूनी होता है,और तुम्हारे मित्र के निवास के पास में कोई मस्जिद या मुसलमानी कब्रिस्तान जरूर होता है,कमप्यूटर और फ़ोटो बनाने में प्रोग्राम बनाने में साइबर कैफ़े का कार्य करने में,महारत हासिल होती है.इस युति से तुम्हारा पति तुम्हारे बिना किसी विजातीय स्त्री से शादी करेगा,और आगे चल कर इसका वंश समाप्त हो जायेगा,तुम्हारी पुत्री को इसका दुख पूरे जीवन झेलना पडेगा.

अभी वर्तमान में तुम्हारे पंचम में विराजमान बुध को पिछले सितम्बर दो हजार सात से यह मित्र शादी के लिये प्रेरित कर रहा है,और उसका यह प्रभाव आगे आने वाले अट्ठाइस अप्रैल दो हजार आठ तक ही रहेगा,इसके बाद तुम्हारा शारीरिक रूप से भोगात्मक प्रभाव देख कर यह तुमसे दूर चला जायेगा.

ममता तुम्हारी कुन्डली में एक अच्छे कन्सल्टेन्सी करने वाले व्यक्ति के गुण विद्यमान है,इनका प्रयोग करना चालू करो,तुम्हारे राशि चक्र में पेट पर गुरु और शनि के कारण हवा वाले प्रभाव जैसे गैस आदि का बनना काफ़ी परेशानी का कारक है,यही प्रभाव तुम्हारे पैतृक मकान पर भी जा रहा है,और अट्ठाइस अप्रैल के बाद कोई सम्बन्धी आकर इस परेशानी से दूर भी कर देगा,बशर्ते अगर तुम किसी प्रकार से अपने को अपने पारिवारिक मर्यादा से दूर नही रखो तो.इसी गुरु शनि के कारण और अधिक वासना के कारण आपके अन्दर टीबी की बीमारी का प्रभाव भी पनपने के पूरे पूरे योग है,इसलिये अधिक समय तक कम्प्यूटर के सामने बैठना और अधिक वासना की क्रियाओ को करना तुरत रूप से बन्द कर दो,अधिक ठंडे और नमी वाले वातावरण से अपने को दूर रखो,जिससे इन बातो से बचा सके.

ramendra_bhadauria.jpg

Ramendra Singh Bhadauria

Unless otherwise stated, the content of this page is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 3.0 License