दुर्लभ भाग्य वर्धक वस्तुयें

श्रीभाग्य वर्धक लाकेट

कुंडली में लगन पंचम और नवम भाव को त्रिकोण कहा गया है किसी भी ग्रह की अशुभ द्रिष्टि से अगर लगन खराब हो जाती है तो शरीर काम नही करता है,पंचम खराब होता है तो बुद्धि काम नही करती है और नवम खराब होता है तो सब कुछ होते हुये भी कोई काम नही बनता है.श्रीभाग्यवर्धक लाकेट को बनाने के लिये तीन रत्नो का प्रयोग किया जाता है प्रत्येक राशि के लिये लाकेट को इस प्रकार से बनाया जाता है:-

  • मेष लगन के लिये मूंगा,सबसे ऊपर दाहिनी तरफ़ माणिक और बायीं तरफ़ पुखराज.यह ओरिजनल लाकेट को सोने में बनवाया जाता है,आठ ग्राम से दस ग्राम सोने के अन्दर यह लाकेट बन जाता है,जिसके अन्दर मूंगा सवा पांच रत्ती का माणिक सवा पांच रत्ती की और पुखराज भी सवा पांच रत्ती का लगाया जाता है.इस लाकेट की कीमत मय बनवायी के आज की तारीख में सोना लगभग बीस हजार,मूंगा साढे तीन हजार,माणिक सवा पांच हजार,और पुखराज पचपन से साठ हजार बनवायी लगभग साढे चार हजार और अभिमन्त्रित करने की दक्षिणा मय मंगल सूर्य और गुरु के मन्त्रों के जाप के इक्यावन सौ रुपया पडती है,आप तक पहुंचाने का खर्चा अलग से मय बीमा के होता है.इस तरह से यह लाकेट लगभग नब्बे से पिच्चानवे हजार की कीमत में मिल जाता है,लेकिन इन्ही को अगर बढिया त्रिधातु यानी सोना तांबा और पीतल मिलाकर बनवा लिया जाये तथा रत्नो की जगह पर उपरत्न लगवा दिये जाये तो यह तीन से चार हजार के बीच में ही मिल जाता है.
  • वृष राशि के लिये ऊपर हीरा दाहिने पन्ना बायें नीलम को लगवा कर लाकेत बनवा जाता है,इसके अन्दर सोना वही ऊपर की तौल के हिसाब से लगता है,हीर बडा नही मिलता है वह एक कैरेट के लगभग दस बारह पीस में मिलेगा और बारह से पन्द्रह हजार का लगेगा पन्ना भी सवा पांच रत्ती के लगभग सोलह हजार के आसपास लग जायेगा साथ ही नीलम की कीमत आज के हिसाब से पन्द्रह हजार रुपया रत्ती से सत्तर पिचहत्तर हजार के आसपास में मिल जायेगा,इसी की जगह अगर त्रिधातु यानी चांदी मेटल और सोने रांगे को मिलाकर बनवाया जाये तथा जिरकान पेरीडोट और काकानीली को लगा कर बनाया जाये तो यह तीन से चार हजार के बीच में बन कर तैयार हो जायेगा.
  • मिथुन राशिं के लिये भी पहले पन्ना फ़िर हीरा और नीलम का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • कर्क राशि के लिये मोती मूंगा पुखराज का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • सिंह राशि के लिये माणिक पुखराज और मूंगा का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • कन्या राशि के लिये पन्ना नीलम हीरा के कम्बीनेशन को बनाना पडता है.
  • तुला राशि के लिये हीरा नीलम और पन्ना का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • वृश्चिक राशि के लिये मूंगा पुखराज मोती का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • धनु राशि के लिये पुखराज मूंगा और माणिक का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • मकर राशि के लिये नीलम हीरा और पन्ना का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • कुम्भ राशि के लिये भी नीलम पन्ना और हीरा का कम्बीनेशन बनाना पडता है.
  • मीन् राशि के लिये भी पुखराज मोती और मूंगा का कम्बीनेशन बनाना पडता है.

सुपारी गणेश

व्यापार वृद्धि और नौकरी के लिये तथा उन्नति के लिये सुपारी गणेश की पूजा अर्चना की जाती है,इनकी स्थापना करके नियमित रूप से पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है.

हल्दी गणेश

पंचधातु के पेंडेंट में यह बनवाये जाते है और मनचाहा जीवन साथी पाने के लिये एवं बिगडे रिस्ते में सुधार लाने के लिये पति पत्नी के आपस में मधुर व्यवहार के लिये कैरियर और इन्टरव्यू आदि मे सफ़लता के लिये इन्हे पहिना जाता है.

मोती गणेश

जो बच्चे बहुत चंचल होते है और पढाई लिखाई के नाम से दूर रहकर केवल खेलकूद में लगे रहते है,उनके लिये समुद्री मोती में गणेशजी की प्रतिमा बनाकर बच्चों को चांदी के पेन्डल में पहिनाई जाती है.

मोती शंख

मोती शंख को पूजा में स्थापित करने या सुबह को जागकर सबसे पहले मोती शख को देखने से लक्ष्मी की वृद्धि होती है,इसके अलावा चन्द्र और शुक्र की शांति यानी माता और पत्नी के आपसी विचारों के मतभेदों में भी कमी होती है,शारीरिक और पारिवारिक कष्ट को दूर करने के लिये इस शंख का प्रयोग किया जाता है.

मोती चांद

चांदी के चन्द्रमा में मोती को गढवा कर बनवाया जाता है यह काले रंग के धागे में बच्चे को पहिनाने से नजर दोष से बचाव होता है,जो बच्चे जरा सी नजर लगने पर उल्टी और दस्त से पीडित हो जाते है और जिन्हे बार बार नजर लगती है उनके लिये यह सबसे अच्छा साधन है.

मूंगा गणेश

पति पत्नी के मध्य विवाद पैदा होने के कारण बडी से बडी गृहस्थी का उजाड होता देखा गया है,इसके लिये और मंगली दोष को दूर करने के लिये इसे पहिना जाता है.

मूंगा में हनुमान जी

घर में सुख शांति और निडरता और भूत बाधा से दूरी रखने के लिये इसे पेंडेण्ट में पहिना जाता है,साथ ही इसे पहिनने के बाद कितनी ही बदनीयत से कोई व्यक्ति सामने आता है वह अपने आप दूर होता चला जाता है.जो लोग अधिक दुश्मनी से पीडित है और जिन्हे हमेशा अपनी जान का भय रहता है उन्हे इस पेंडेन्ट को पहिना चाहिये.

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