भविष्यफ़ल 2012 भाग-2

मिथुन राशि (क्रमश:)

मिथुन राशि के पंचम में शनि के बैठ जाने से जातक को संतान सम्बन्धी रोग पैदा हो सकते है यह शनि अक्सर पाचन क्रिया और स्त्री जातको को बच्चेदानी वाली बीमारिया प्रदान करते है.शनि से दूसरा राहु होने के कारण अक्सर यह सब बीमारिया खाने पीने और रोजाना के किये जाने वाले कार्यों के द्वारा होती है। अक्सर बच्चेदानी आदि के लिये राहु का प्रभाव गलत संगत आदि का नतीजा भी माना जाता है.गुरु की प्रधानता का असर भी इस प्रकार के रोग देने का कारक है,मित्र भाव में गुरु के होने से भी तथा गुरु का डाक्टरी राशि मे होने के कारण जातक को रोगी बनना और अस्पताल आदि से जूझना जरूरी होता है। राहु का छठा होना भी जातक के लिये जो भी कार्य होते है वह बीमारी के अचानक पैदा होने से और किसी प्रकार के तंत्र आदि की ताकत का फ़ल भी जाना जा सकता है। लगनेश बुध का इस साल में छठे भाव मे होने से भी जातक के लिये कर्जा दुश्मनी बीमारी और अस्प्ताली कारण का होना माना जा सकता है।

उपाय

जातक के लिये जो मिथुन रासि के है वे राहु के उपाय करने से भी बच सकते है राहु के उपाय करने के लिये केतु का सहारा लेना जरूरी होता है। बुध को भी सम्भालने के लिये भोजन आदि का सही लेना और राहु की त्रिमंत्रित भभूत का प्रयोग करना भी ठीक है.बुध शुक्र और शनि का रत्न या उपरत्न का पेंडल पहिनने से भी भाग्य और शरीर के साथ बुद्धि सही काम करती रहती है.

कर्क राशि

इस साल मे कर्क राशि का समय अधिक खराब इसलिये माना जाता है क्योंकि पूरी साल ही राहु का गोचर इस राशि के पंचम भाव मे रहेगा.पंचम का राहु हमेशा ही सन्तान विनास का कारण होता है और पैदा होने वाली सन्तान के साथ साथ बडी सन्तान पर भी बुद्धि के भ्रमित हो जाने के कारण मानी जा सकती है। अक्सर जो जातक विवाह योग्य होते है वे अपनी बुद्धि के भ्रम के कारण गलत सम्बन्धो की तरफ़ भागने लगते है उन्हे केवल रति सम्बन्धी चिन्ता ही लगी रहती है या किसी प्रकार के अनैतिक सम्बन्ध स्थापित करने की चिन्ता लगी रहती है। इस चिन्ता के कारण युवा लोग अपने मुख्य उद्देश्य को भूल कर किसी न किसी प्रकार की बीमारी से ग्रसित हो जाते है,और उनकी पढाई लिखाई सभी प्रकार के ज्ञान प्राप्त करने के कारण धूमिल हो जाते है शिक्षा के क्षेत्र मे रहने वालो के लिये भी कोई न कोई आफ़त बनी रहती है,जैसे कोई आक्षेप लगना और बेकार में चिन्ता का कारण बनना। लोगो का कमन्यूकेशन की शिक्षाओ की तरफ़ अधिक ध्यान जाता है और कमन्यूकेशन के क्षेत्र मे अधिक भीड हो जाने से उनके नौकरी आदि के लिये दिक्कत का होना भी माना जा सकता है। जो लोग वाहन आदि से कमाई करने वाले होते है वे अक्सर भ्रमित होकर किसी न किसी प्रकार के बडे लोन आदि से जूझने लगते है और जो लोग पानी आदि के क्षेत्र के व्यवसाय करने में रहते है अथवा चांदी आदिका व्यवसाय करने के लिये अपने को आगे बढाते है वे अक्समात के इन कारको की कीमतो मे आने वाले बदलाव से अक्सर दिवालिया होते हुये भी देखे जा सकते है। इस राशि वाले अपने जीवन साथी के साथ सम्बन्धो मे भी किसी न किसी प्रकार के कनफ़्यूजन बनाकर चलते है,उन्हे यह दिक्कत होती है कि उनके जीवन साथी का सम्बन्ध किसी और से है और इस कनफ़्यूजन की वजह से अक्सर उनकी वैवाहिक जिन्दगी में कोई न कोई परेशानी का होना भी माना जाता है लाभ के क्षेत्रो मे भी इस राशि वालो के लिये दिक्कत इसलिये भी मानी जा सकती है कि वे अपने द्वारा अधिक कमाई करने के चक्कर में किसी प्रकार की मल्टी लेवल के काम करने लगते है और इस प्रकार से उनके किये जाने वाले कार्यों में सभी कार्यों की तरफ़ से मिलने वाला भुगतान रुक जाता है या किसी प्रकार की कमी के कारण या कमन्यूकेशन गैप के कारण बरबाद हो जाता है.इस राशि के लिये मानसिक रूप से व्यथित होने और शरीर मे पानी की कमी होने से तथा सांस वाले रोग होने की बात भी इसी दौरान मिलती है। जो लोग अपने को नये कार्य या मकान आदि के लिये प्रयास रत होते है उनके लिये व्यवसाय वाले क्षेत्रो मे कोई न कोई परेशानी होने की बात भी मिलती है अक्सर किसी न किसी प्रकार के समान कार्य या कार्यों के बंटवारे को भी लेकर उन्हे परेशानी होती है रहने वाले स्थान पर ही कोई न कोई व्यवसाय वाला काम किया जाने लगता है इस कारण से घर का माहौल भी दिक्कत देने वाला हो जाता है इस कारण से कई काम भी एक साथ करने से दूसरे काम भी बाधित होते है और अधिकतर कार्यों के अन्दर कोई न कोई कमी रह जाने के कारण कमाई भी नही हो पाती है। अधिक काम होने की वजह से काम किये जाने वाली पूंजी की कमी से भी लोन आदि लेने की जरूरत पडती है और इस प्रकार से कर्जा होना भी मिलता है पेट सम्बन्धी बीमारी होने या नभि वाली डिस बेलेन्स होने वाली बीमारी से भी दिक्कत का होना माना जाता है और रोजाना के कार्य भी बाधित होते है। कार्यों के अन्दर जोखिम वाले काम भी किये जाते है और रात के अन्दर के काम भी अधिकतर जोखिम वाले ही होते है इन कार्यों की बजह से नींद आदि की बीमारिया भी होना माना जाता है। कार्यों का वजन अधिक होने के कारण पीठ के रोग रीढ की हड्डी के रोग भी होते है,पिता और माता की तरह से भी किसी न किसी प्रकार का अनदेखापन भी माना जा सकता है। इस राशि पर केतु का असर होने से शरीर के दाहिने या बायें हिस्से की बीमारी का होना भी माना जाता है जोडों की बीमारिया और जकडन आदि के लिये भी जाना जा सकता है.

उपाय

कर्क राशि के लिये एक ही उपाय सबसे अच्छा है कि पेट की बीमारियों का इलाज सही रूप से करवाया जाता रहे,कारण पेट खराब होने से दिमाग खराब होगा और दिमाक खराब होने से सभी काम खराब होंगे.अक्सर इस कारण एक और रूप सामने से समझा जाता है कि जब कर्क राशि के दिन खराब आते है तो उसके रहने वाले मकान या किसी प्रकार के निवास के सामने गन्दगी के ढेर लगने शुरु हो जाते है या किसी प्रकार की मानसिक गन्दगी से अक्साअत ही सामना करना पडता है उस गन्दगी के प्रभाव से भी इस राशि वालो का समय बिगड जाता है.चन्द्र मंगल और गुरु के लिये बनी धूप का रोजाना घर मे जलाना इस राशि वालो के लिये सबसे बढिया उपाय है.

सिंह राशि

इस राशि वाले इस साल अपनी आलसी वृत्ति को जाहिर करने के लिये अपना असर जरूर प्रसारित करेंगे.इनकी पसन्द वही होगी जहां से कबाड से जुगाड बनाया जा सकता है,यह अपने को उसी इलाके मे ले जाना पसन्द करेंगे जहां या तो असपताली कार्य होते हो या किसी प्रकार की जनता की गन्दगी फ़ैली हो इनके कामो को बाधित करने वाले और बरबाद करने वाले इनके खास दो लोग होंगे जो पहले मित्र वर्ग मे थे और अब उनके मन मे समाकर घर के अन्दर दाखिल हो गये है। वह दाखिल होना साधनो के रूप मे भी माना जा सकता है चाहे वह कमन्यूकेशन के साधनो के रूप मे हो या किसी ऐसे ही सम्बन्धी के रूप मे हो.शिक्षा मे अपने जीवन को लगाने वाले लोग अपने स्थान को बार बार बदलते रहेंगे और जैसे भी अपने लिये साधन बनाने की कोशिश करेंगे.विवाह के लिये अविवाहित लोग अपने दिमाग मे तरह तरह की शंकाये लायेंगे और जो लोग अच्छे होंगे उन्हे छोड कर बेकार के लोगों से संगति का प्रभाव अपने लिये लेकर आयेंगे।अक्सर इस राशि वालो के लिये के प्रभाव और भी देखा जाता है कि यह अपनी अचल सम्पत्ति के लिये धन को वही बेकार करेंगे जहां से आगे भी कोई बरक्कत नही की जा सके। यह कार्य या तो उनके खुद के लोगों के द्वारा राय में लाया जायेगा या उनके साथ काम करने वाले लोग ही इस राय को देंगे। विवाहित लोग भी इस समय केवल पिछले रिस्तो के कारण ही अपने को खिन्न रखेंगे और एकान्त मे रहने के लिये अपनी जीवन शैली को बिताने की सोचेंगे। साल भर चौथे भाव का राहु उनके मन को माता को मकान को पानी के साधनो को और अपने ही व्यापार को खराब करेगा साथ ही उनकी रोजाना की जीवन शैली को भी खराब करने के लिये अपना असर देगा उनकी पिछली बचते इसी राहु के कनफ़्यूजन के कारण बेकार भी हो सकती है और गलत खान पान से भी उनके लिये सांस वाली परेशानी देने वाली बीमारिया पैदा हो सकती है। यह राहु उनके जीवन साथी और साथ देने वाले लोगो तथा सुझाव देने वालो से दूर रखने के लिये अपनी युति को देता रहेगा,रिस्क लेने वाले कारणो में भी इस राहु का प्रभाव देखा जा सकता है। इस रिस्क लेने वाली आदत के कारण भी इस राशि वाले हानि उठायेंगे। अक्सर यह हानि उनके मानसिक वृत्ति के कारण ही होगा। किये जाने वाले कार्यों में उसी प्रकार के कार्य करने का मानस बनेगा जो दूसरो की सहायता के लिये किये जाते है लेकिन उनसे भी तरह तरह के अन्देशे निकाल कर उनसे मिलने वाले लाभ का पहले सोचा जायेगा। जो लोग नान वेज नही खाते है उनका मन भी नान वेज खानो की तरफ़ जाना शुरु हो सकता है। यह राहु बाहर जाने के मामले मे अपने कनफ़्यूजन को भी पैदा करता रहेगा जब भी कही बाहर जाने का मानस बनेगा उसी समय किसी कार्य को इतना फ़ैला देगा कि बाहर जाने के लिये समय भी नही मिल पायेगा। केतु का कारण धन सम्बन्धी मामले मे ही देखने को मिलेगा यह केतु कार्यों को करने के लिये किसी प्रकार के कमन्यूकेशन के साधनो की तरफ़ अपने कारण को पैदा करेगा और बेकार का खर्चा करवाने के बाद यह केतु अपना काम भी बन्द कर देगा और खर्चा भी करवा देगा. जो लोग खरीद बेच और डील आदि लेने का कार्य करते है यह केतु उन्हे बरबाद करने के लिये या तो मुख्य समय पर उनकी सहायता नही करेगा या डील वाले कार्यों मे अपने कमीशन आदि के समय में कोई न कोई बाधा सामने लाकर उस कमीशन आदि के काम को नही करने देगा। जो लोग यात्रा आदि का काम करते है उनके लिये भी यह केतु किसी न किसी प्रकार से कार्य मे बाधा देगा तथा जो लोग होटल व्यवसाय मे अपने को लगाये है वह भी इस केतु के कारण या तो चालाकी का शिकार हो जायेंगे या किसी सरकारी कानून के चलते वकीलो और इसी प्रकार के खर्चो को करने वाले होंगे। पीठ की बीमारिया भी परेशान करेंगी और अधिक बैठक या दिमाग मे अधिक उलझन होने के कारण इस राशि के लोग भोजन में भी कमी रखेंगे या अधिक मिर्च मशाले के भोजन करने के बाद अपने लिये गैस आदि की बीमारी का लाना भी शुरु करेंगे। निवास स्थान के आसपास कोई अलावा अतिक्रमण होने से दिन का चैन भी खराब हो जायेगा और रात की नींद भी पूरी नही हो पायेगी। शनि इस राशि वालो के लिये तीसरे भाव मे होगा जो आलसपन देने के लिये अपना प्रभाव देगा और सन्तान के भाव पर भी अपना असर देने के कारण उनकी सेहत के साथ बुद्धि को भी कुन्द करेगा। यह शनि जीवन साथी के लिये भी दिक्कत देने वाला होगा और धर्म कर्म परिवार समाज आदि से दूर रखने के लिये तथा दिमाग मे पैतृक जायदाद आदि के बंटवारे आदि के लिये भी अपनी चालाकी को देगा। शनि का सीधा असर न्याय भाव पर जाने से किसी न किसी प्रकार की न्याय वाली लडाई को किया जाना या किसी धर्म स्थान पर किसी मूर्ति आदि का स्थापित किया जाना या किसी प्रकार के विदेश आदि जाने के कागजी सिस्टम को पूरा करना भी माना जा सकता है शनि की नजर बारहवे भाव पर जाने से शनि बाहर आने जाने के लिये अपने असर को प्रदान करेगा साथ ही खर्च करने के मामले मे भी अपनी शक्ति को देकर खर्च को कम करने के लिये भी अपनी युति को देगा.पानी और इसी प्रकार की दिक्कत जो अक्सर पैरो के निचले हिस्से के लिये मानी जाती है बीमारी आदि का देना भी शनि के द्वारा माना जा सकता है।

उपाय

सिंह राशि वालो के लिये राहु के लिये उपाय यह है कि वे अपने को पानी और रहने वाले स्थान के इन्फ़ेक्सन से बचाने के लिये प्रयास करते रहे अपने आर ओ और पानी को साफ़ करने वाले साधनो को नियमित साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखे रहे,अगर कोई कारण पानी के साधनो से पैदा होता है तो फ़ौरन ही उसका बन्दोबस्त करवायें किसी प्रकार के सेवा करने वाले या किसी प्रकार की सहायता करने वाले व्यक्ति को घर मे नही रखे कारण उस व्यक्ति के द्वारा घर के अन्दर कोई गलत प्रभाव पड सकता है और घर की शान्ति भी भंग हो सकती है। भोजन और खाने पीने में कम मशाले का प्रयोग करे किसी प्रकार की सांस की बीमारी होने पर फ़ौरन फ़ेफ़डे और सांस लेने वाले तंत्र का इलाज करवाये अक्सर चौथे भाव का राहु अपने गोचर के समय में फ़ेफ़डे वाली बीमारिया देकर ही जाता है। मुहं की बीमारिया भी इस राशि वालो के लिये अपना प्रभाव दे सकती है साथ ही मुंह के अन्दर किसी प्रकार के इन्फ़ेक्सन या दांत आदि से परेशानी से मुंह के अन्दर डाक्टरी हथियारों को चलवा सकती है। घर के अन्दर सूर्य मंगल और गुरु की धूप का नियमित जलाना इस राहु के असर के साथ शनि की करामात को भी दूर करने में सहायक मानी जा सकती है।

कन्या

इस राशि वालो के लिये परिवार से दूरी और अपने ही लोगो से विचारो के नही मिलने से आपसी रिस्तो में जमाव माना जा सकता है बेकार के कारण पैदा होने या काम धन्धे को बीच मे आजाने से आपसी बिगाडखाता चालू हो सकता है किसी प्रकार की अचल सम्पत्ति या ऐसे किसी कारक मे धन लगा देने से चल पूंजी का फ़्रीज होना माना जा सकता है इसी फ़्रीजिंग के कारण ही घरेलू और पारिवारिक रिस्ते खराब होने की बात भी सामने आ सकती है। इस राश वालो के लिये बासी भोजन या बाजार का भोजन दिक्कत देने वाला हो सकता है। शनि के कारण रहने वाले स्थान पर भी कोई न कोई दिक्कत का होना माना जा सकता है इसके साथ ही रोजाना के कामो के लिये भी दिक्कत होना माना जा सकता है रोजाना के कामो से या नौकरी से मिलने वाली सहायता के लिये भी कमी का होना माना जा सकता है किसी भी काम के लिये रिस्क लेने वाली बात से भी आलसी भाव का होना माना जा सकता है किसी बचत किये गए धन को शनि के प्रभाव से जायदाद या किसी प्रकार के कीमती सामान की खरीद मे लगाने से भी धन की रुकावट और रोजाना की जिन्दगी मे दिक्कत का आना माना जा सकता है। इस शनि का प्रभाव इस राशि वालो के लाभ भाव पर जाने से लाभ के साधन भी फ़्रीज हो सकते है मित्र और बडे भाई आदि से मिलने वाली सहायतायें भी किसी न किसी कारण से बन्द होने की बात मानी जा सकती है। इस राशि वालो के तीसरे भाव मे राहु के आने से बात करने और प्रदर्शन करने के समय कोई न कोई गन्दगी का होना भी माना जा सकता है इस राहु के कारण ही अक्सर इस राशि के लोग किसी न किसी प्रकार के इन्फ़ेक्सन के रोग से ग्रसित भी हो सकते है यात्रा आदि के कारणो मे और घर से बाहर रहने के कारणो में किसी प्रकार के जालसाजी के शिकार भी हो सकते है और इसी राहु के प्रभाव से कोई गन्दी बात या आक्षेप से भी प्रभावित किये जा सकते है। इस राहु का असर सन्तान पर और विद्या पर जाने से सन्तान और विद्या के क्षेत्र मे भी कनफ़्यूजन के कारण होने वाली परीक्षा आदि मे दिक्कत का कारण माना जा सकता है,साथ ही राहु का असर सीधा जीवन साथी के भाव पर जाने से भी जीवन साथी के साथ रिस्तो में कोई न कोई कमी होना माना जा सकता है और जीवन साथी का ध्यान भी अलावा रिस्तो की तरफ़ भी जा सकता है या किसी प्रकार के गलत आचरण की बजह से कोई सजा या कोई कानूनी प्रक्रिया भी हो सकती है,इस राहु का असर लाभ भाव पर जाने से भी आक्षेप अक्सर मित्र भाव से या बडे भाई या इसी प्रकार के लोगो से लगाये जाते है। इस कारण से लाभ के साधन भी बाधित होते है और मानसिक चिन्ता के कारण रोजाना की जिदन्गी भी प्रभावित होती है।

उपाय

इस राशि वालो के लिये अपने रोजाना के पहिनने वाले वस्त्रो का ध्यान रखना बहुत जरूरी है और उन्हे अक्सर नीले वस्त्रो से इसलिये बचने की जरूरत है कि इस साल मे शनि राहु के आमने सामने रहने से अक्सर नीली चीजे उन्हे परेशान कर सकती है या उनके लिये कोई न कोई दुर्भाग्य ला सकती है। त्वचा वाली बीमारिया भी हो सकती है और जो लोग नौकरी आदि मे है उनके लिये तो बहुत ही सजग रहने की जरूरत है दोस्त लोग ही किसी न किसी प्रकार का दोष लगा सकते है इसलिये इस राशि वालो को अपने को सीमा के अन्दर ही रहकर अपनी बात आदि दोस्तो के साथ करनी चाहिये। इस राशि वाले शनि और राहु के इस प्रभाव को दूर करने के लिये बुध शनि और राहु की धूप को अपने रहने वाले स्थान पर जलाते रहे और घर से बाहर कम ही जाये.ग्वारपाठा नामकी वनस्पति को अपने घर के गमले मे लगाने और रोजाना उसे सींचने से भी बुध और राहु का प्रभाव दूर हो सकता है,किसी प्रकार की कानूनी उलझन से बचने का एक तरीका सबसे अच्छा है कि किसी घडे में राख भर कर पास के किसी जल स्थान या किसी धार्मिक स्थान पर रख दिया जाये। घर मे किसी प्रकार की बदनामी से बचने के लिये अपने ही घर के वातावरण को इस प्रकार का रखे कि कोई भी अजनबी घर के माहौल मे अपना प्रवेश नही ले पाये,इसके साथ ही किसी प्रकार की एक्स्पायर दवाई का प्रयोग किसी भी प्रकार से हानिकारक भी होने की बात मिलती है किसी प्रकार की बीमारी की जांच करवाने के लिये एक से अधिक बार अलग अलग प्रयोगशाला मे जांच करवानी जरूरी है एक के ही भरोसे रहकर किसी नयी बीमारी को पास मे लाया जा सकता है।

तुला राशि

इस राशि के सम्मुख राहु होने के कारण जो भी काम जल्दी से धन कमाने के लिये किये जायेंगे उनसे दिक्कत आ सकती है अथवा बडा घाटा हो सकता है परिवार के अन्दर किसी प्रकार का विघटन पैदा हो सकता है अपने ही लोग किसी प्रकार का आक्षेप विक्षेप लगाने से नही चूक सकते है। भोजन के लिये भी इन्फ़ेक्सन वाले भोजन का लेना माना जा सकता है इसलिये किसी भी भोजन को लेने के पहले इस राशि वालो को यह पता कर लेना चाहिये कि यह भोजन किसी प्रकार के हानिकारक तत्व से पूर्ण तो नही है। हरी सब्जियों पत्ते वाली सब्जियों मे भी इस राशि वालो को ध्यान देकर ही भोजन के लिये प्रयोग मे लाना चाहिये यहां तक कि गन्दे हरे कपडे भी नही पहिनने चाहिये इससे किसी प्रकार के चर्म रोग होने की बात भी हो सकती है और पेट सम्बन्धी रोग भी हो सकते है किसी प्रकार के खुजली वाले रोग या फ़ोडा फ़ुन्सी आदि जननांग या मलाशय के आसपास होने पर फ़ौरन ही इनका इलाज एन्टीसेप्टिक दवाओं से करवाना ठीक रहेगा कारण यह रोग राहु के कारण फ़ोडा के रूप में या बैठने वाले स्थान के इन्फ़ेक्सन के कारण होने की बात हो सकती है किसी प्रकार से भी किसी दूसरे के बर्तन मे भोजन करने से पहले या किसी के साथ भोजन करने से पहले अपनी साफ़ सफ़ाई का पूरी ध्यान रखना जरूरी है। जो लोग बुध से सम्बन्धित व्यापार करते है उनके लिये यह राय मानी जा सकती है कि कनफ़्यूजन से बच कर चलने से ही उन्हे फ़ायदा हो सकता है अन्यथा कोई भी व्यापार उन्हे बरबाद करने के लिये माना जा सकता है बुध के व्यापार मे अक्सर वही सामान माने जा सकते है जैसे रेडियो टीवी कम्पयूटर सोफ़्टवेयर रबद और प्लास्टिक के व्यवसाय कमन्यूकेसन के व्यवसाय भी बुध की श्रेणी मे आते है किसी प्रकार की यात्रा आदि की बुकिंग करना और ठेके लेकर काम करने वाली बात को भी बुध की श्रेणी मे लाया जा सकता है। इस राशि के लिये यह भी जरूरी है कि घर के अन्दर किसी प्रकार का तामसिक या गलत शक्तियों की साधना भी हानिकारक हो सकती है किसी को भी घर के अन्दर या रहने वाले स्थान के अन्दर इस प्रकार के कारण पैदा करने के बाद खुद को समझना भी काफ़ी होगा कि वह व्यक्ति जानकार है या किसी प्रकार की चालाकी आदि से अपनी स्वार्थ की नीति को तो नही पूरा करना चाहता इस बात से घर के अन्दर से अपनी इज्जत मान मर्यादा आदि का हनन भी हो सकता है किसी प्रकार के कमन्यूकेशन वाले साधन को खरीदते समय भी देखना चाहिये कि वह साधन सही तो है कही उसके अन्दर सोफ़्टवेयर आदि की दिक्कत तो नही है या वह किसी प्रकार की पावर सप्लाई से दोष युक्त तो नही है। इस राशि वालो केलिये तृतीय स्थान का मालिक गुरु इस राशि के सप्तम मे गोचर इस साल सत्रह जून तक करेगा उसके बाद वह अष्टम मे गोचर करने लग जायेगा यह गुरु उनके लिये एक प्रकार से सहयोगी की बात भी करेगा और इस सहयोग से छोटे भाई बहिने या मामा खान्दान की जायदाद या सम्बन्ध खराब होने की बात भी मिलती है। अगर इस कारण मे मामा मौसा या इसी प्रकार के रिस्ते व्यापार कार्य आदि मे सामने आते है तो उनसे बचकर ही चलने मे फ़ायदा है। सन्तान के मामले मे यह भी माना जा सकता है कि जिन जातको के पास कन्या सन्तान है उसके लिये दिक्कत का समय माना जा सकता है इन्फ़ेक्सन या सर्दी वाले रोग इस राशि के जातको की कन्या सन्तान को अधिक रहने की बात भी मानी जा सकती है,शनि के राशि मे ही गोचर करने के कारण दिमागी और शरीर के बेलेन्स करने की ताकतो के अन्दर कमी मानी जा सकती है,इसके अलावा भी रहने वाले स्थान के दो भाग हो सकते है या रहने वाले स्थान पर किसी प्रकार की व्यवसाय वाली नीति को किया जा सकता है लेकिन इस व्यवसाय से आने वाले समय मे धन का और मानसिक लोगो के साथ अपने ही लोगो का दूर होना भी माना जा सकता है इसलिये रहने वाले स्थान से कोई भी व्यवसाय नही करने का भी ध्यान रखना जरूरी होगा। इस राशि वालो के अष्टम मे केतु के होने से भतीजे भानजे मामा या इसी प्रकार के व्यक्ति के लिये अस्पताली कारण भी बन सकते है अगर धार्मिक रूप से रहा गया है और कोई गलत काम नही किया गया है तो इस राशि वालो के लिये किडनी या स्टोन वाली बीमारी नही होगी अन्यथा यह भी माना जा सकता है कि इस साल मे इस प्रकार की बीमारी के कारण डाक्टरी सहायता और आपरेशन आदि की भी जरूरत पड सकती है आंखो की रोशनी के लिये भी इस राशि वालो के लिये सोचना पड सकता है जैसे किसी लेंस का लगवाना या चश्मा का नम्बर आदि बदलवाना,कोई अपमान या धन की दिक्कत से जूझने के कारण अपने स्वार्थ की पूर्ति करने के लिये अपनी चालबाजी भी कर सकता है या किसी खरीद बेच के काम मे जाकर नुकसान भी हो सकता है किसी भी कार्य को करने से पहले या किसी की गवाही देने या जमानत देने के कार्यों से इस राशि वालो को बचकर रहना ही ठीक माना जा सकता है अन्यथा किसी बडी हानि की बात भी मानी जा सकती है।

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